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विज्ञान : अभिशाप या वरदान  ?




भूमिका 



आधुनिक युग विज्ञान का युग है । आधुनिक विज्ञान ने संसार के रंग - रूप को ही बदल दिया है । विज्ञान के चमत्कारों ने विश्व को बहुत पीछे छोड़ दिया है । 




विज्ञान की सहायता से ही मनुष्य ने समय , दूरी और प्रकृति पर विजय प्राप्त कर ली ।




विज्ञान के संबंध में दृष्टिकोण 




विज्ञान ने मनुष्यों के जीवन को जहां अधिक सुखी और समृद्ध बनाया है वहीं उसने मानव के विनाश के बीज भी बोए है । 



विज्ञान ने मनुष्य को अतुलनीय शक्ति प्रदान की है ।

 



विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान की प्रगति व उससे मानव को सुख :




आधुनिक विज्ञान ने विद्युत के रूप में मानव को शक्ति का अजस्र स्त्रोत प्रदान किया है । इससे हम प्रकाश प्राप्त करते हैं , भोजन बनाते हैं । रेडियो , सिनेमा , दूरदर्शन व निर्माण में लगे विशालकाय मशीन को चलाते हैं। 



मशीन की सहायता से अकेला मनुष्य अपनी शक्ति से सैकड़ों गुना अधिक कार्य कर सकता हैं । 



बिजली का आविष्कार आज विज्ञान का एक ऐसा आविष्कार है, जिसके बिना हम निष्प्राण हो सकते है।

 

इसके बिना हमारा कोई कार्य पूरी तरह से न संपादित हो सकता है और न उसके अगले कदम की परिकल्पना ही कि जा सकती है।



वास्तव में विज्ञान ने भुखो को भोजन , नंगे को बस्त्र , दुखियों को बस्त्र तथा धनवानों  को विलास प्रदान किया है ।



उद्योगों के क्षेत्र में उद्योगों के क्षेत्र में विज्ञान ने क्रान्तिकारी परिवर्तन किए हैं। विभिन्न प्रकार की मशीनों ने उत्पादन की मात्रा में कई गुना वृद्धि की है।



आधुनिक विज्ञान के कीटाणु नाशक दवाएं व इंजेक्शन ने रोगों के इलाज में अभूतपूर्व तिब्रता लाई है । पेनिसिलिन , सल्फा औषधियों ने भयंकरतम बीमारियों के इलाज को अत्यंत सरल बना दिया है ।



 

विज्ञान ने बृहत् पैमाने पर शिक्षा देने के साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है फिर भी कई देशों में भारी तादाद में अनपढ़ लोग हैं।

 


ट्यूबबेल , ट्रैक्टर , ट्रक्क , रासायनिक खाद तथा अन्य वैज्ञानिक उपादानों से भूमि की उर्वरा शक्ति को बहुत अधिक बढ़ाया गया है , जिससे बढ़ती हुई आबादी की खाद्य समस्या को अत्यंत सीमित कर दिया है । 



विज्ञान ने संसार के विभिन्न देशों की दूरी को समाप्त कर दिया है । टेलीफोन के द्वारा हम अपना संदेश अत्यंत सरलता से संसार के एक कोने से दूसरे कोने तक भेज सकते हैं । 

 


हवाई जहाज के आविष्कार ने तो मनुष्य को पंख प्रदान कर दिए हैं । विज्ञान के माध्यम से मनुष्य ने चंद्रमा पर विजय प्राप्त कर ली है और अब वह मंगल ग्रह पर विजय प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है ।




विज्ञान के अनुचित उपयोग से हानि : 



मनुष्य की प्रतिक्रियावादी विचारधारा ने विज्ञान का उपयोग विनाश के लिए भी किया है । हिरोशिमा और नागासाकी पर मित्र राष्ट्रों द्वारा गिराया जाने वाला भयंकर एटम बोम विज्ञान की ही देन हैं ।

 

विज्ञान का शक्ति जादा उपयोग में लाने की कारण  से आज पृथ्वी का प्रदुषण खराब हो चुका हैं । पृथ्वी का तापमान बढ़ चुका है, पहाड़ों का बर्फ पिघल रहे हैं जिसके कारण बाढ की समस्या हो रही हैं । 



उपसंहार 



विज्ञान ने मनुष्य के हाथ में बहुत अधिक शक्ति दे दी है, किन्तु उसके प्रयोग पर कोई बन्धन नहीं लगाया है।



विज्ञान अपने में न बुरा है  न अच्छा है । इसका उपयोग यदि जन कल्याण के लिए किया जाय तो यह मानव जीवन को सुख और सम्पन्नता से भर देगा । 



विज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन कल्पना के बाहर है । विज्ञान मनुष्य के लिए वरदान के लेकिन यही विज्ञान सही उपयोग न होने पर मनुष्य के लिए घातक साबित हो रहा है । 




मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए विज्ञान की शक्ति का उपयोग विनाशकारी काम के लिए कर रहा है । 



एक तरफ विज्ञान मनुष्य के लिए कल्याणकारी और उपयोगी साबित हो रहा है , और दूसरी तरफ अभिशाप भी बन रहा है । 



जिसका उपयोग विनाशकारी कार्यों के लिए किया जा रहा है ।

 

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