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पुस्तकालय पर निबंध



भूमिका 



पुस्तकालय ज्ञान-राशि का संचित भंडार हैं । मस्तिष्क को क्रियाशील रखने के लिए विचारों की जरूरत होती है, जो अध्ययन से प्राप्त होती है। 



अध्ययन के मुख्य दो साधन हैं - विद्यालय और पुस्तकालय । विद्यालय का अध्ययन सीमित है, किन्तु पुस्तकालय में हमें विस्तृत अध्ययन का अवसर मिलता है ।



प्रकार


पुस्तकालय के कई प्रकार हैं । जैसे - स्कूल या कॉलेज का पुस्तकालय , निजी पुस्तकालय , सरकारी पुस्तकालय , सार्वजनिक पुस्तकालय और भ्रमणशील पुस्तकालय । 



स्कूल , कालेज तथा विश्वविद्यालय के पुस्तकों में केवल विद्यार्थी एवं अध्यापक ही लाभ उठा सकते हैं ।



बहुत से शिक्षा प्रेमी अपने घरों में ही पुस्तकें संग्रहित कर पुस्तकालय बना लेते हैं । ऐसे पुस्तकालयों को निजी पुस्तकालय कहते हैं ।



कुछ पुस्तकालय सरकारी होते हैं । सरकारी पुस्तकालय की इमारतें अच्छी रहती हैं । पुस्तकों भी संख्या अधिक रहती हैं । असम के प्रत्येक जिला , सदर तथा महकमों में ऐसे पुस्तकालय हैं ।



सार्वजनिक पुस्तकालयों में तरह तरह की त्रैमासिक, मासिक , साप्ताहिक और दैनिक पत्र - पत्रिकाएं रखी जाती हैं । 



साहित्य , इतिहास , नाटक , उपन्यास, राजनीति , अर्थशास्त्र , विज्ञान आदि विषयों की पुस्तकों का संग्रह यहां रखता हैं । इनमें सभी वर्गो के लोग अध्ययन कर सकते हैं ।



आजकल भ्रमणशील पुस्तकालयों का भी व्यवस्था हैं । मोटरौं में पुस्तकें भर ली जाती हैं और जगह जगह पर घूम घूम कर पुस्तकें पढ़ने के लिए दी जाती हैं ।



लाभ 



पुस्तकालय से अनेक लाभ हैं । समाचार पत्रों के द्वारा एक ही जगह बैठकर सारे संसार का समाचार जाना जा सकता हैं । 



ज्ञान - विज्ञान की पुस्तकों के अध्ययन से समाज के कल्याण की भावना जागृत होती है । पुस्तकालयों में हमें देश - विदेश के महापुरषों के आदर्श पर चलकर संवार सकते हैं । 



छात्र और पुस्तकालय 



विद्यार्थियों का पुस्तकालय से गहरा संबंध है । ज्ञान का पूर्ण विकास पुस्तकालयों की पुस्तकों के अध्ययन से ही संभव है । विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें ही पढ़नी चाहिए ।



उपसंहार 


आज हमारे देश में पुस्तकालयों की संख्या दिन - प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं । स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जनता तथा सरकार का ध्यान इस ओर विशेष रूप से गया है । 


अच्छे पुस्तकालयों की स्थापना से ही देश के नागरिकों में शिक्षा का प्रचार होगा और देश की उन्नति होगी ।


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